stories for kids in hindi
एक माली था उसका नाम रमेश था| वो अपना काम बहोत मेहनत और लगन से करता था। और रोशन नाम एक आदमी था. और वो बहोत ही पैसे वाला था.और उसे इस बात का बहोत घमंड था। और वो किसी भी गरीब की मदत नहीं करता था। लेकिन इस तरफ रमेश अपना परिवार का पेट भरने के लिए दिन में तीन चार काम करता था. और जरूरतमंदों की मदत भी करता था उसे कोई भी भूखा मिल जाता तो वो उसे घर ले जाता और उसे खाना खिलता था। लेकिन ये सब देख कर रोशन को बहोत तकलीफ होती थी वो सोचता था की जब इनको हर वक्त खाना नहीं मिलता तो ये दुसरो को कैसे खिलते हैं। अयेसे करते करते कुछ दिन बिता और एक दिन रमेश की थोड़ी सी तबियत खराब हो गई और वो उस दिन काम पर न जा सका और दोपहर की वक्त जब वो थोड़ा भर निकला तो देखा एक बूढ़ा एक पेड़ के निचे बैठा हुआ हैं बहोत ही भूखा और प्यासा हैं रमेश उस बूढ़े को देख और रमेश को उसपे बहोत तरस आ गया लेकिन अज्ज रमेश तो उसे घर भी नहीं लेके जा सकता था किउ की अज्ज तो वो काम पर गया नहीं हैं और जो खाना बाना था वो ख़तम हो गया हैं। तो फिर रमेश ने सोचा चलो उसके पास जेक उसने थोड़ा बात करते हैं और रमेश उनके पास गया और उस बूढ़े से पूछा अप्प कहा रहते हैं उस बूढ़े ने कहा मैं तो उस पाहर के पास रहता हु। तो रमेश ने पूछा तो अप्प यहाँ क्या कर रहे हैं तो उसने कहा मैंने सुना हैं यहाँ कोई हैं जो मुझ जैसे गरीब और लाचार को खाना खिलता हैं। इस बात को सुनते ही रमेश के आखो में पानी आ गया और उसने कहा जी हा यहाँ एक आदमी हैं जो सबको खाना खिलता हैं और रमेश ने उन्हें कहा चलिए उठिये और रमेश ने उन्हें रोशन के पास ले गया और रोशन के घर पहुंचा और रोशन का गेट को ठक टखया तो रोशन ने दरवाजा खोला और पूछा क्या बात हैं. रमेश ने कहा क्या अप्प इनको एक वक्त के लिए खाना खिला सकते हैं.तो रोशन ने कहा मैं इसको खाना किउ खिलाऊ ये कोण हैं मेरे, रमेश ने बहोत मिनत्ते की लेकिन वो नहीं
मन्ना आखिर में उस बूढ़े ने कहा बेटा और ये कहते ही उनका रूप बदल गया और वो भगवन बन गए और रोशन से कहा तुम बहोत ही घमंडी हो आज तक तुमने किसी भी गरीब और जरुरत मंन्दो की मदत नहीं की हैं
अज्ज से तुमहरी हालत उस बूढ़े जैसे हो जाएगी। और रमेश तुम्हारे पास पैसे नहीं होते हुए भी तुमने हर किसी की मदत की हैं तुम आज से इस बड़े घर में रहोगे और तुम्हे मैं अनगिनत पैसे देता हु और वो गायब हो गए और रमेश की जिंदगी भोत ही अछि हो गई और वो रोज काम से काम 100 लोगो की मदत करने लगा
तो बच्चों अज्ज हमें ईस कहानी से क्या सिख मिली
हमें आज यहीं सिख मिली की हमेसा सबकी मदत करनी चाहिए और खुद पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए।
तो अप्प लोग आज से हर दिन जब भी किसी को आपकी हेल्प की जरुरत होगी तब अप्प उनकी मदत करोगे।
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