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कंटिन्यू . तो मै काम पर चला गया, और बाकि दिनों की तरह दिन खतम हुआ और मेरा ऑफिस से छूटी हो गया, मई घर के लिया वापस आ रहा था तो रास्ते में मुझे मेरा दोस्त रोहन मिला, मैंने बोला क्या हाल चाल ,उसने जवाब दिया सब ठीक ठाक हैं, तो मैंने पूछा और क्या हुआ मेरी गर्ल फ्रेंड का कोई मिली मेरे लायक, उसने कहा नहीं भाई तेरे लायक तो कोई नहीं हैं, लेकिन मेरे सात आज बहुत अच्छा हुआ,मैंने पूछा क्या हुआ,उसने कहा वो जो लड़की आई हैं न स्कूल में उसके संग आज मैंने बात किया सच बोलू तो वो बहोत सूंदर हैं देखने में, मुझे उसे प्यार हो गया हैं मैंने कहा बहोत अछि बात हैं लेकिन मेरा क्या हुआ मेरे लिए भी तो कोई खोज दे, उसने कहा रुख देखता हु, मैंने कहा चल ठीक हैं मैं चलता हु , फिर मैं घर चला आया मैं बहोत दुखी था किऊ की मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं थी , फिर मई खाना खा के सोने गया लेकिन नींद नहीं आ रहा था,,
मैंने खुद को कोसना सुरु कर दिया मुझे आएसा लगने लगा की मेरी सकल ही अछि नहीं हैं फिर ये सब सोचते सोचते मैं सो गया ,फिर सुबह उठा और नास्ता किया और बाहर की तरफ गया
और आप लोगो को बाता दू की मेरा और एक दोस्त हैं उसका नाम विकाश हैं और वो मेरा जिगरी दोस्त हैं
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तो मैं उसे मीला और उसको बताया की भाई ,मैं बहोत ही उदास हु, उसने पूछा क्या हुआ मैंने बोलै भाई मेरा कोई गर्ल फ्रेंड नहीं हैं और रोहन जैसे लड़के को लड़की मिल गई ,तो उसने दिलासा देते हुए कहा कोई बात नहीं तेरी भी होगी सबर कर ले आज नहीं तो कल जरूर मिले गी ,अच्छा अब दुखी मत हो और चल ऑफिस भी जाना हैं ,,
फिर हम लोग वहा से चले गए ,, और मेरी मुलाकात रोहन से हुई और मैने
उससे कहा भाई तू जिस लड़की से प्यार करता हैं उसका कोई फोटो हैं तो जरा दिखा मै भी तो देखु मेरे भाई को कैसे लड़की मीली हैं, उसने ना ना करते हुए फोटो दिखाया, और सच बोल रहा उस लड़की की फोटो को देखते ही मै अचंभित हो गया इतनी सुन्दर लड़की थी की क्या बोलू
ये फोटो देखने के बाद मैंने उसे कहा भाई कुछ भी हो जाए इससे सादी जरूर करना , तो उसने कहा भाई जरूर सादी तो करूँगा ही पहले प्यार तो हो जाने दे ,तो मैंने पूछा प्यार हो जाने दे मतलब अभी तक प्यार का इज़हार नहीं हुआ हैं तो उसने कहा नहीं मैंने अभी तक उसको बोला नहीं सोच रहा इस वैलेंटाइन डे को एक कार्ड देके प्रोपोस कर दूंगा और मुझे पूरा बिस्वास हैं मेरे प्यार कोई सुइकार करेगी , मैंने बोला चलो अच्छा हैं ठीक हैं तो मैं चलता हु ,और मई वहा से चला गया मैंरे दिमाग में सारा दिन
वही लड़की चलती रही बहोत सुन्दर थी उस वक्त समझ आया लंगूर के
हात में अंगूर किसे कहते हैं। ........
कंटिन्यू . तो मै काम पर चला गया, और बाकि दिनों की तरह दिन खतम हुआ और मेरा ऑफिस से छूटी हो गया, मई घर के लिया वापस आ रहा था तो रास्ते में मुझे मेरा दोस्त रोहन मिला, मैंने बोला क्या हाल चाल ,उसने जवाब दिया सब ठीक ठाक हैं, तो मैंने पूछा और क्या हुआ मेरी गर्ल फ्रेंड का कोई मिली मेरे लायक, उसने कहा नहीं भाई तेरे लायक तो कोई नहीं हैं, लेकिन मेरे सात आज बहुत अच्छा हुआ,मैंने पूछा क्या हुआ,उसने कहा वो जो लड़की आई हैं न स्कूल में उसके संग आज मैंने बात किया सच बोलू तो वो बहोत सूंदर हैं देखने में, मुझे उसे प्यार हो गया हैं मैंने कहा बहोत अछि बात हैं लेकिन मेरा क्या हुआ मेरे लिए भी तो कोई खोज दे, उसने कहा रुख देखता हु, मैंने कहा चल ठीक हैं मैं चलता हु , फिर मैं घर चला आया मैं बहोत दुखी था किऊ की मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं थी , फिर मई खाना खा के सोने गया लेकिन नींद नहीं आ रहा था,,
मैंने खुद को कोसना सुरु कर दिया मुझे आएसा लगने लगा की मेरी सकल ही अछि नहीं हैं फिर ये सब सोचते सोचते मैं सो गया ,फिर सुबह उठा और नास्ता किया और बाहर की तरफ गया
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फिर हम लोग वहा से चले गए ,, और मेरी मुलाकात रोहन से हुई और मैने
उससे कहा भाई तू जिस लड़की से प्यार करता हैं उसका कोई फोटो हैं तो जरा दिखा मै भी तो देखु मेरे भाई को कैसे लड़की मीली हैं, उसने ना ना करते हुए फोटो दिखाया, और सच बोल रहा उस लड़की की फोटो को देखते ही मै अचंभित हो गया इतनी सुन्दर लड़की थी की क्या बोलू
ये फोटो देखने के बाद मैंने उसे कहा भाई कुछ भी हो जाए इससे सादी जरूर करना , तो उसने कहा भाई जरूर सादी तो करूँगा ही पहले प्यार तो हो जाने दे ,तो मैंने पूछा प्यार हो जाने दे मतलब अभी तक प्यार का इज़हार नहीं हुआ हैं तो उसने कहा नहीं मैंने अभी तक उसको बोला नहीं सोच रहा इस वैलेंटाइन डे को एक कार्ड देके प्रोपोस कर दूंगा और मुझे पूरा बिस्वास हैं मेरे प्यार कोई सुइकार करेगी , मैंने बोला चलो अच्छा हैं ठीक हैं तो मैं चलता हु ,और मई वहा से चला गया मैंरे दिमाग में सारा दिन
वही लड़की चलती रही बहोत सुन्दर थी उस वक्त समझ आया लंगूर के
हात में अंगूर किसे कहते हैं। ........




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